
रानीखेत से लापता नाबालिग युवती किराये के कमरे से बरामद, रानीखेत पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा।
रानीखेत। घर से लापता हुई नाबालिग किशोरी को रानीखेत पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से महज 24 घंटे के भीतर अल्मोड़ा के खोल्टा से बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। किशोरी आरोपी के किराये के कमरे से मिली। पुलिस ने किशोरी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

पुलिस के मुताबिक रानीखेत निवासी गिरीश राम ने नौ अगस्त को कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उनकी नाबालिग बेटी एक दिन पहले बिना बताए घर से कहीं चली गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी। किशोरी की तलाश के लिए पुलिस टीमों ने रानीखेत क्षेत्र के साथ ही मजखाली, खैरना समेत संभावित स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा सर्विलांस की मदद से होटलों और अन्य संभावित ठिकानों पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस को मिले सुरागों और साक्ष्यों के आधार पर ग्राम कयाला, हवालबाग निवासी 26 वर्षीय दिनेश चंद्र पुत्र मोहन राम, निवासी ग्राम कयाला, हवालबाग को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने 10 अगस्त को अल्मोड़ा के खोल्टा स्थित आरोपी के किराये के कमरे में दबिश दी। यहां से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार किशोरी के बयानों के आधार पर मामले में धाराओं में बढ़ोतरी की गई है। धारा 140(3) बीएनएस का लोप करते हुए धारा 137(2), 64(1) बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 जोड़ी गई हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
यह पुलिस टीम रही शामिल: महिला उपनिरीक्षक हेमा कार्की, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र बिष्ट, कांस्टेबल कमल गोस्वामी, एसओजी अल्मोड़ा के कांस्टेबल राजेश भट्ट और महिला कांस्टेबल रितु कोरंगा।
