
शिक्षिका की पिटाई से बच्ची के शरीर पर आये चोट के निशान, जिलाधिकारी ने स्कूल पहुंच शिक्षिका की सेवाएं समाप्त की।
अल्मोड़ा। लमगड़ा ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं में कक्षा छह की छात्रा की कथित पिटाई का मामला तूल पकड़ने के बाद जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सोमवार को विद्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच की। उन्होंने पीड़ित छात्रा के अभिभावकों, प्रधानाचार्य और अन्य छात्र-छात्राओं से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। जांच समिति की संस्तुति पर आरोपी अतिथि शिक्षिका का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।

बीते शनिवार शिक्षिका पर किसी बात को लेकर छात्रा की कथित तौर पर पिटाई करने का आरोप लगा था। घटना के बाद छात्रा के शरीर पर चोट के निशान होने और इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों व अभिभावकों में आक्रोश फैल गया। मामले की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी लमगड़ा और उपखंड शिक्षा अधिकारी धौलादेवी की समिति गठित की गई थी। समिति की जांच रिपोर्ट में संबंधित अतिथि शिक्षिका की सेवा समाप्त करने की संस्तुति की गई, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

डीएम अंशुल सिंह ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन के नाम पर छात्र-छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट या दंडात्मक कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। बच्चों को अनुशासित करने के लिए काउंसलिंग, संवाद और सकारात्मक तरीकों का इस्तेमाल किया जाए। जरूरत पड़ने पर अभिभावकों से बातचीत कर समस्या का समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन, विषयों की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी ली। छात्र-छात्राओं से खेल सुविधाओं के बारे में भी पूछा। बच्चों की मांग पर विद्यालय में फुटबॉल सहित खेल सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेकर शौचालय व्यवस्था दुरुस्त करने, परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और सड़क से विद्यालय तक पहुंच मार्ग को ठीक कराने के निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त और नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पानी के भंडारण के लिए टैंक लगाने को भी कहा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सौम्या गर्ब्याल, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी रवि मेहता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
