
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गाँधी ने फिर उठाया हल्द्वानी में खड़गे की सभा स्थल के शुद्धिकरण का मामला, एससी-एसटी एक्ट में एफआईआर की मांग।
नई दिल्ली/हल्द्वानी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण कराए जाने का मामला एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ गया है। शनिवार को कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शुद्धिकरण की घटना को छुआछूत से जोड़ते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद सभा स्थल का शुद्धिकरण किया जाना दलितों के अपमान का संदेश देता है। राहुल गांधी ने इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना पूरा जीवन देश और संविधान के लिए समर्पित किया है। ऐसे में उनके हल्द्वानी स्थित सभा स्थल पर शुद्धिकरण कराया जाना गंभीर विषय है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को दर्शाती हैं।
गौरतलब है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके दो दिन बाद मैदान में गंगाजल छिड़ककर हवन के जरिए कथित शुद्धिकरण कराया गया था। इसको लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी जारी है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इससे पहले कहा था कि रामलीला मैदान के शुद्धिकरण से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है और विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं होने के कारण इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से मैदान की मर्यादा प्रभावित हुई थी और यदि इसके बाद शुद्धिकरण किया गया तो इसमें गलत क्या है।
