
विधायक निधि में कथित अनियमितताओं के विरोध में स्वाभिमान मोर्चा ने मुख्यमंत्री और अधिकारीयों का किया ‘मसान पूजन’
देहरादून। विधायक निधि के आवंटन और उसके इस्तेमाल में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा ने मंगलवार को विकास भवन परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। मोर्चा कार्यकर्ताओं ने सरकार और अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संबंधित अधिकारियों के प्रतीकात्मक ‘मसान पूजन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विधायक निधि का उद्देश्य जनहित से जुड़े विकास कार्यों को गति देना है, लेकिन इसमें पारदर्शिता के बजाय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।

मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि विधायक निधि जनता के विकास के लिए आवंटित धन है। ऐसे में इसके उपयोग में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी अथवा नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने निधि से स्वीकृत कार्यों, उनकी गुणवत्ता, भुगतान और कार्यदायी संस्थाओं की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
मौके पर मौजूद अधिकारियों के द्वारा इस हरकत पर ऐतराज जता कर बताया गया कि मामले में जाँच चल रही है ! जिसपर दोनों पक्षो में तीखी नोंकझोंक हुई !! प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि यदि सरकारी धन के इस्तेमाल में अनियमितता हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मोर्चा ने आरोप लगाया कि व्यवस्था में बैठे जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
मोर्चा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि विधायक निधि के कथित दुरुपयोग और अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने सरकार से विधायक निधि से कराए गए कार्यों का सार्वजनिक ऑडिट कराने, स्वीकृत धनराशि और खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने तथा शिकायतों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
