
सैन्य सम्मान के साथ हुआ शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का अंतिम संस्कार। नम आँखों और देश भक्ति के नारों के साथ दी अंतिम विदाई।
राजौरी में सैन्य अभियान में शहीद हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को अल्मोड़ा में पूरे सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। केवल 25 वर्ष की आयु में शहीद हुए 5 असम रेजिमेंट के इस अधिकारी का पार्थिव शरीर शनिवार को सेना के हेलीकॉप्टर से अल्मोड़ा लाया गया, जहां प्रशासन, सैन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बीरेश्वर गोस्वामी का परिवार मूलरूप से द्वाराहाट ब्लॉक के बग्वालीपोखर का रहने वाला है। उनके पिता पूर्व में रानीखेत तहसील में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

श्रद्धांजलि समारोह के बाद उनका अंतिम संस्कार विश्वनाथ घाट पर संपन्न हुआ। अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारतीय सेना ने शस्त्र झुका कर और गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद अधिकारी को अंतिम सलामी दी। सैन्य परंपराओं के अनुरूप पूरे सम्मान के साथ अंतिम क्रिया सम्पन्न हुई।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शहीद के बलिदान पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरण रहेगा और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र एवं अन्य सैन्य अधिकारियों ने भी पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों से सांत्वना व्यक्त की।

कांग्रेस CWC सदस्य करन माहरा ने भी जताया शोक :-
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं CWC सदस्य करन माहरा ने अल्मोड़ा निवासी भारतीय सेना की 5 असम यूनिट में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद नाथ गोस्वामी के वीर पुत्र लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के सर्वोच्च बलिदान पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। करन माहरा ने कहा कि देश ने आज अपना एक वीर सपूत खो दिया है, जिसकी बहादुरी, राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा सदैव याद रखी जाएगी। मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हर देशवासी को भावुक कर देता है।

