
व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष के दौरे पर वरिष्ठ व्यापारी अजय बबली ने जताई आपत्ति, बताया एक तरफ़ा और व्यक्तिगत निर्णय।
व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष के रानीखेत दौरे और चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रतिक्रियाओं का दौर भी तेज हो गया है। जुलाई में व्यापार मंडल के चुनाव करवाए जाने की घोषणा के बाद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अजय बबली ने प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष के रानीखेत आगमन और चुनाव प्रक्रिया पर तीखी आपत्तियाँ उठायी हैं। उन्होंने कहा है कि जिन प्रत्याक्षियों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई थी (सभी प्रत्याक्षी जिन्होने नामांकन किया) किसी से बात करने की जरूरत नही समझी जिससे ऐसा प्रतीत होता है आपके द्वारा लिया गया निर्णय आपका व्यक्तिगत निर्णय है न की प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल की निर्णय नही है।

अजय बबली ने जिला महामंत्री राजेंद्र पांडेय के माध्यम से प्रदेश नेतृत्व को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि कि चुनाव में आय-व्यय के दस्तावेजों में अनियमितताएँ पाई गईं और नियमावली का पालन ठीक से नहीं किया गया तथा निर्वाचन समिति ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया, जिससे विवाद बढ़ा। शिकायत के बाद पुराने नेतृत्व के केवल तीन सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि फैसले सामूहिक थे और पूरे कार्यकारिणी की सहभागिता के प्रमाण सोशल मीडिया व प्रिंट में मौजूद हैं — अतः या तो सभी दोषी हैं या सभी निर्दोष।
अजय बबली ने प्रांतीय और जिला स्तर पर करवाई की गयी जांचों को सार्वजनिक करने, और जिला व्यापार मण्डल की संबंधित पत्रावली जो प्रांतीय मंडल को दी गई है, साझा करने की मांग की। उन्होंने आग्रह किया कि किसी भी निर्णय से पहले सभी पक्षों की बात सुनी जाए और व्यक्तिगत निर्णय व्यापार संघ पर थोपे न जाएँ।
