
20 जुलाई के लिए उत्तराखंड में रेड – ऑरेंज अलर्ट हुआ जारी, 12 जिलों में स्कूल हुए बंद, प्रशासन अलर्ट मोड पर।
20 जुलाई को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा कुछ जिलों के लिए जारी रेड व ऑरेंज अलर्ट के बाद मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से स्थिति की जानकारी ली और सभी विभागों तथा जिलों को पूर्ण सतर्कता के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) में पहुंचकर प्रदेशव्यापी बारिश संबंधित स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में स्कूल एवं आंगनवाड़ी केन्द्रो में अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिसमे प्रदेश के 12 जिलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। चम्पावत, उधम सिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा , चमोली, उत्तरकाशी पिथौरागढ़ टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रूद्रप्रयाग हरिद्वार और देहरादून जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा।
सचिव सुमन ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 20 जुलाई को देहरादून, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, वहीं उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और ऊधम सिंह नगर के लिए ऑरेंज अलर्ट और रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी है। रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, जलभराव, अचानक बाढ़ और नदीनालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की संभावना जताई गई है।
सचिव ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मौसम विभाग की प्रत्येक चेतावनी पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला व तहसील स्तर के आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रखें जाएँ और किसी भी आपात स्थिति में राहत व बचाव दलों को तुरंत मैदान में तैनात किया जाए। नदियों, बरसाती नालों, गाड़-गदेरों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की सतत निगरानी करने और जोखिम वाले स्थानों पर रहने वाले परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर तत्काल स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त सचिव ने निर्माणाधीन परियोजनाओं, सड़क निर्माण कार्यों व अन्य संवेदनशील स्थलों पर काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और खराब मौसम के दौरान आवश्यकतानुसार कार्य स्थगित करने का भी आदेश दिया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा टालें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
