
ईद – ए – मिलाद पर मुस्लिम समुदाय ने रानीखेत में निकाला सद्भावना मार्च, अस्पताल में फल वितरण भी किया।
रानीखेत। पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश के मौके पर बुधवार को रानीखेत में मुस्लिम समाज की ओर से सद्भावना मार्च निकाला गया। मार्च के जरिए देशप्रेम, अमन, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया गया। इस दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देते हुए बेटियों की शिक्षा और सम्मान के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।

सद्भावना मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रतिभागियों ने देश में अमन-चैन, सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने का संदेश दिया। देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लेते हुए सैनिकों की सलामती और सुरक्षा की भी दुआ की गई। मार्च के बाद गोविंद सिंह माहरा नागरिक चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए गए। साथ ही उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। मुस्लिम समाज के इस सेवा कार्य ने मानवता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।

जामा मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद इंतजार राजा ने देश की सलामती, सैनिकों की सुरक्षा और आपसी भाईचारे के लिए दुआ की। उन्होंने हिंदुस्तान और रानीखेत के सभी लोगों की सेहत, खुशहाली और तरक्की की भी कामना की। कहा कि प्रेम, शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

जामा मस्जिद के सदर मो. इरफान ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए प्रशासन, पुलिस, अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ समेत रानीखेतवासियों का आभार जताया। कहा कि रानीखेत की पहचान आपसी प्रेम और सौहार्द से रही है, जिसे बनाए रखना सभी का दायित्व है।

इसके बाद जामा मस्जिद में बच्चों के लिए दीनी क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों ने धार्मिक और नैतिक विषयों से जुड़े सवालों के जवाब देकर प्रतिभा दिखाई। आम न्याज (लंगर) का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से पैगम्बर साहब की प्रेम, मानवता, शांति, सेवा और भाईचारे की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
